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Jinshaasanashtak ("जिनशासनाष्टक")
"जिनशासनाष्टक" रत्नात्रयमय जिनशासन ही महावीर का शासन है। क्या चिंता अध्रुव की तुझको, ध्रुव तेरा सिंहासन है ।।टेक॥ द्रव्यदृष्टि स...
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चूहो! म्याऊँ सो रही है घर के पीछे, छत के नीचे, पाँव पसारे, पूँछ सँवारे। देखो कोई, मौसी सोई, नासों में से. साँसों में से। घर घर घर घर हो रही...
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पगड़ी मैली पगड़ी, इतनी रगड़ी, इंतनी रगड़ी, इतनी रगड़ी, इतनी रगड़ी, रह गया मैल, न रह गई पगड़ी। हट्टी-कट्टी। मोटी-तगड़ी, मलकिन झगड़ी, इतनी झगड...
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